नमस्कार दोस्तों, आजकल के नए धमाकेदार म्यूजिक और डीजे गानों के बीच मुझे अचानक पुराने दौर के भोजपुरी संगीत की याद आ गई। क्या आप लोगों को वो समय याद है जब गानों में सिर्फ शोर नहीं बल्कि जज्बात, संस्कार और गाँव की मिठास हुआ करती थी? मुझे शारदा सिन्हा जी के पारंपरिक गीत और पुराने लोक कलाकारों की वो सादगी बहुत याद आती है। आजकल के गानों में एनर्जी और बीट्स तो बहुत हैं, लेकिन क्या आपको लगता है कि शब्दों की वो गहराई अब कहीं खो गई है? आप लोगों का पसंदीदा पुराना 'एवरग्रीन' गीत कौन सा है जिसे सुनकर आज भी पुरानी यादें ताजा हो जाती हैं? अपनी पसंद जरूर शेयर करें। 🙏🎶